करोड़ों की लागत से बन रही पानी की टंकी नदी में समाई, जल जीवन मिशन को लगा करारा झटका
- ग्रामीणों की चेतावनी के बावजूद नहीं हुई नदी किनारे पिचिंग
- टोंटियों में पानी पहुंचने से पहले ही ढह गई टंकी
बरेली।जनपद के शेरगढ़ ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत बैरमनगर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां जल जीवन मिशन के तहत करीब 3.97 करोड़ रुपये की लागत से बन रही निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी किच्छा नदी के भीषण भू-कटान की भेंट चढ़ गई। मंगलवार तड़के करीब 6:18 बजे यह विशालकाय टंकी भरभरा कर नदी में समा गई, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है। गांव के 70 फीसदी घरों में टोंटियां और पाइपलाइन बिछ चुकी थी, लेकिन ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचने से पहले ही पूरी योजना नदी के साथ बह गई।
500 मीटर दूर था नदी का दायरा, कटान ने किया बर्बाद
ग्राम प्रधान के मुताबिक, जब इस पानी की टंकी के लिए स्थान का चयन किया गया था, तब किच्छा नदी निर्माण स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर बहती थी। लेकिन नदी के लगातार हो रहे कटान के चलते यह दूरी धीरे-धीरे खत्म हो गई और नींव के आसपास की जमीन पूरी तरह खिसक गई। खतरे का अंदेशा इसी बात से लगाया जा सकता था कि बीते सप्ताह ही टंकी की सुरक्षा के लिए बनाई गई चारदीवारी भी कटान की चपेट में आकर नदी में समा गई थी।
जिम्मेदारों की अनदेखी, ग्रामीणों में रोष
इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान को देखते हुए उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से नदी किनारे पिचिंग (सुरक्षा दीवार) कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने उनकी एक न सुनी। अगर समय रहते पिचिंग का कार्य करा दिया जाता, तो करोड़ों रुपये की इस सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सकता था।
अधिकारियों ने निकाल लिया था सामान
खतरे की गंभीरता को देखते हुए हाल ही में अधिकारियों ने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया था। कटान के चलते निर्माण स्थल से जरूरी और कीमती सामान तो पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन कंक्रीट के मुख्य ढांचे को बचा पाना संभव नहीं हुआ। मंगलवार सुबह जब टंकी गिरी, तो स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो अपने कैमरों में कैद कर लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रिंट लेआउट के लिए यह खबर मुख्य पृष्ठ या क्षेत्रीय पन्ने की लीड स्टोरी के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।
