रामगंगा के कटान में मंदिर समाया, प्रशासन और ग्रामीणों की कोशिशें नाकाम
बरेली । मीरगंज क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है, जहां रामगंगा नदी के तेज बहाव और लगातार हो रहे कटान के चलते एक मंदिर देर रात नदी में समा गया। मंदिर को बचाने के लिए प्रशासन के साथ ग्रामीणों ने भी काफी प्रयास किए, लेकिन नदी के तेज बहाव के आगे सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं।
मीरगंज क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी के किनारे लगातार कटान हो रहा था। कटान की चपेट में आया मंदिर भी लगातार खतरे में था। ग्रामीण मंदिर को बचाने के लिए मौके पर जुटे रहे और प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही थी।
इसी दौरान बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भी मंदिर का निरीक्षण किया था। डीएम ने मौके पर पहुंचकर मंदिर में पूजा-अर्चना की और अधिकारियों के साथ हालात का जायजा लिया था। इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
लेकिन देर रात रामगंगा के तेज बहाव ने मंदिर के आसपास की जमीन को अपने आगोश में ले लिया और देखते ही देखते मंदिर नदी में समा गया।
मंदिर के नदी में समाने के बाद ग्रामीणों में मायूसी है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन रामगंगा के तेज कटान के सामने कोई उपाय काम नहीं आया।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नदी के किनारे बसे इलाकों और कटान प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
रामगंगा का बढ़ता जलस्तर और तेज कटान अब ग्रामीण इलाकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। मंदिर के नदी में समाने की घटना ने एक बार फिर प्रशासन के सामने नदी कटान से निपटने की चुनौती खड़ी कर दी है।
