स्वच्छता अभियान की उड़ी धज्जियां: निरंजन कुंज में डेयरी संचालक की दबंगई, गोबर और कचरे के ढेर से फैला बीमारियों का आतंक
पीलीभीत।शहर की निरंजन कुंज कॉलोनी इन दिनों बदहाली के आंसू बहा रही है। बंधन बैंक के पास रहने वाले निवासी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। इसका मुख्य कारण कोई और नहीं, बल्कि क्षेत्र का एक बेलगाम डेयरी संचालक है, जिसने अपनी मनमानी और तानाशाही से पूरी कॉलोनी को डंपिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया है।
मिन्नतों और विरोध का नहीं कोई असर
जानकारी के अनुसार, बंधन बैंक के समीप स्थित डेयरी का संचालक नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि डेयरी से निकलने वाला सारा गोबर और बदबूदार कचरा जानबूझकर कॉलोनी में खुले में फेंका जा रहा है। लोगों ने कई बार एकजुट होकर डेयरी संचालक को ऐसा करने से मना किया और विरोध भी जताया, लेकिन संचालक पर इसका कोई असर नहीं होता। दबंगई के बल पर वह लगातार गंदगी का अंबार लगा रहा है।
मच्छरों का खौफ और बीमारियों ने पसारे पैर
इस कचरे और गोबर के ढेर ने अब भयानक रूप ले लिया है। पूरे इलाके में चौबीसों घंटे उठने वाली सड़ांध के कारण लोगों का अपने घरों में रहना और सांस लेना तक मुहाल हो गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि गंदगी के इस पहाड़ पर मच्छरों की भारी फौज पनप चुकी है। डेंगू, मलेरिया और वायरल जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों ने इलाके में डेरा डाल लिया है और कई निवासी इन बीमारियों की चपेट में आकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
एक तरफ प्रशासन शहर को स्वच्छ रखने के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचों-बीच स्थित निरंजन कुंज का यह नजारा सिस्टम को मुंह चिढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों में भारी रोष है। अब सवाल यह उठता है कि क्या नगर पालिका प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस मामले में हस्तक्षेप कर इस बेलगाम डेयरी संचालक पर कोई सख्त कार्रवाई करेंगे? या फिर निरंजन कुंज के निवासियों को यूं ही बीमारियों के दलदल में घुट-घुट कर जीने के लिए छोड़ दिया जाएगा?
