पीलीभीत :पुलिस ने किया अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 17 चोरी की बाइकों के साथ दो शातिर गिरफ्तार
- यूपी-उत्तराखंड से बाइकें चुराकर फर्जी नंबर प्लेट के सहारे बेचने का करते थे धंधा।
पीलीभीत। जनपद में वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के तहत थाना सुनगढ़ी पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर दोपहिया वाहनों की चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे और निशानदेही से विभिन्न जिलों व राज्यों से चोरी की गई कुल 17 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 13 सितंबर को सुनगढ़ी पुलिस और एसओजी की टीम चेकिंग में जुटी थी। इसी बीच मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए माधोटांडा बाईपास रोड पर घेराबंदी कर दो अभियुक्तों को पकड़ लिया। मौके पर उनके पास से 2 चोरी की बाइकें मिलीं। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपियों का नेटवर्क टूट गया और उनकी निशानदेही पर 15 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद कर ली गईं।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से बाइकें चुराते थे। पुलिस की चेकिंग और गिरफ्तारी से बचने के लिए वे वाहनों की असली नंबर प्लेट हटा देते थे और उन पर फर्जी नंबर प्लेट लगा देते थे। पकड़े जाने के वक्त भी वे इन 17 मोटरसाइकिलों को बेचने के इरादे से उत्तराखंड ले जाने की फिराक में थे।
गिरफ्तार अभियुक्त सुखविन्दर सिंह (28 वर्ष) पुत्र हरबेल, निवासी तोता बैरिया, जनपद ऊधमसिंह नगर के खिलाफ थाना सुनगढ़ी में 3 मुकदमों के अलावा बरेली के बहेड़ी थाने में भी आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं सिकन्दर सिंह (23 वर्ष) पुत्र गुरदीप सिंह, निवासी जनपद रामपुर (यूपी) के खिलाफ भी थाना सुनगढ़ी के 3 मामलों के अलावा रामपुर के बिलासपुर थाने में आर्म्स एक्ट व चोरी के 3 केस दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजिकृत कर लिया है।
इस खुलासे में थाना सुनगढ़ी से उप-निरीक्षक प्रद्युम्न कुमार, उ.नि. शुभम भारती, हेड कांस्टेबल आदेश कुमार, कांस्टेबल संगम यादव, गौरव कुमार, सुमित कुमार, सचिन कुमार तथा एसओजी पीलीभीत से उ.नि. अजयपाल सिंह, उ.नि. उमेश त्यागी, हेड कांस्टेबल शकील खाँन और कांस्टेबल शिवम वालियान की अहम भूमिका रही।
