तेंदुए का आतंक: चरवाहे के सामने बकरी उठा ले गया तेंदुआ, ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
बरखेड़ा । क्षेत्र के गांव बहादुरपुर हुक्मी में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार शाम को तेंदुए ने एक चरवाहे के सामने ही उसकी बकरी पर हमला बोल दिया और उसे खींचकर गन्ने के खेतों में ले गया। घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने वन विभाग के विरुद्ध जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 4 बजे गांव के ही मो. रफीक अपनी बकरियों को गांव की उत्तर दिशा में स्थित खेतों में चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक घात लगाए बैठे तेंदुए ने छलांग लगाई और एक बकरी को दबोच लिया। चरवाहे के शोर मचाने और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के लाठी-डंडों के साथ खेतों की तरफ दौड़ने पर तेंदुआ बकरी का क्षत-विक्षत शव वहीं छोड़कर गन्ने के घने खेतों में ओझल हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पिछले दो महीने से अधिक समय से तेंदुआ लगातार घूम रहा है। इस दौरान वह अब तक करीब दो दर्जन पालतू और आवारा पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। कई बार तेंदुए को आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास भी देखा गया है, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
तेंदुए के आतंक से त्रस्त ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि विभाग की कार्यप्रणाली लचर है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि सबसे अधिक देखी जा रही है, विभाग ने उससे गलत जगह पर पिंजरा लगा रखा है। इस बारे में कई बार शिकायत भी की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस बढ़ते खतरे के कारण अब ग्रामीण अकेले खेतों में जाने से कतराने लगे हैं। शाम ढलते ही तेंदुए के डर से लोगों को अपने-अपने घरों में दुबकना पड़ रहा है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वन उपनिरीक्षक सुरेश गंगवार ने बताया कि घटना की जानकारी मिल गई है और इसकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पिंजरा पूर्व में तेंदुए की चहलकदमी के आधार पर ही लगाया गया था, फिर भी ग्रामीणों की सुविधा और स्थिति को देखते हुए उनसे बात कर पिंजरे को उचित स्थान पर जल्द ही शिफ्ट करवा दिया जाएगा।
