मीरगंज-आंवला को जोड़ने वाले लोकनाथपुर पुल का हिस्सा बहा, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा
बरेली।उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में उफनाई रामगंगा नदी का कहर लगातार जारी है। नदी के तेज बहाव और भीषण कटान के चलते देर रात मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लोकनाथपुर गांव के पास बने पुल का अगला हिस्सा नदी में समा गया। यह पुल मीरगंज और आंवला तहसील को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी था। पुल का एक हिस्सा बह जाने से दोनों तहसीलों के बीच सीधा संपर्क टूट गया है और दर्जनों गांवों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
देर रात नदी के तेज वेग में समाया पुल का हिस्सा
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास बना हुआ है। मीरगंज क्षेत्र के लोकनाथपुर गांव के समीप रामगंगा नदी किनारे तेजी से कटान कर रही थी। देर रात नदी के प्रचंड वेग और दबाव के आगे पुल का अगला हिस्सा टिक नहीं सका और देखते ही देखते भरभराकर तेज धार में बह गया। गनीमत रही कि हादसा देर रात हुआ, जिससे पुल पर कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था और बड़ा हादसा टल गया।
दोनों तहसीलों का संपर्क कटा, ग्रामीणों की बढ़ीं मुश्किलें
लोकनाथपुर का यह पुल मीरगंज और आंवला क्षेत्र के बीच सेतु का काम करता था। इसके क्षतिग्रस्त होने से मीरगंज और आंवला तहसील का सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह बंद हो गया है।आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, दूधियों और दैनिक कामगारों की आवाजाही रुक गई है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए अब ग्रामीणों को कई किलोमीटर का लंबा फेरा लगाना पड़ेगा।नदी के लगातार कटान से आसपास के खेतों और रिहायशी इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
सुरक्षा के मद्देनजर आवागमन बंद
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों सिरों पर बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है। सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर कटान रोकने और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
