मौत को मात देकर लौटीं विनीता, अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच एम्बुलेंस के एक झटके ने बचाई जान
पीलीभीत। ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ वाली कहावत पीलीभीत में उस समय सच साबित हुई, जब डॉक्टरों द्वारा मृतप्राय घोषित की जा चुकी एक महिला न केवल मौत के मुंह से बाहर आई, बल्कि अब पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी है। जिला न्यायालय में तैनात विनीता शुक्ला की यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहाँ मातम के बीच एक सड़क के गड्ढे ने उनकी जिंदगी की डोर को टूटने से बचा लिया। विनीता शुक्ला की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बरेली के एक…
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