कोरोना से रात-दिन जंग लड़ रहे चिकित्सकों व कर्मियों को मिलेगा स्वादिष्ट भोजन
पीलीभीत, 11 अप्रैल। भोजन के महत्व को बताने वाली एक पुरानी कहावत है, ‘भूखे भजन न होय गोपाला’ अर्थात भूखे पेट भगवान के भजन में भी मन नहीं लगता है। पेट भूखा होने पर मन भी अशांत हो जाता है। इस कहावत को अब स्वास्थ्य विभाग ने भी पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। जिसके चलते अब महकमे ने कोरोना वायरस से पीड़ित अथवा संदिग्ध मरीजों के उपचार में लगे कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने जा रहा है, जिससे इन सभी का मन शांत और एकाग्रचित्त रहे और…
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