तेंदुए के खौफ से सहमे ग्रामीणों को मिली राहत, गांव में पहुंचा वन विभाग का पिंजरा
बरखेड़ा। क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर हुक्मी और पड़ोसी गांव मचवाखेड़ा में पिछले 21 दिनों से तेंदुए के आतंक से दहशत में जी रहे ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिली है। लगातार शिकायतों और बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग ने बुधवार दोपहर गांव के पश्चिमी हिस्से में खेतों के बीच तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा स्थापित कर दिया। पिंजरा लगने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और जल्द तेंदुए के पकड़े जाने की उम्मीद जताई।
पिछले तीन सप्ताह से गांव के आसपास तेंदुए की लगातार गतिविधियां देखी जा रही थीं। इस दौरान उसने कई आवारा पशुओं को अपना शिकार बनाया, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा। तेंदुए के डर से किसानों ने खेतों पर जाना कम कर दिया था, जबकि कई परिवारों ने एहतियातन अपने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया था। पूरा गांव किसी बड़ी अनहोनी की आशंका के बीच भय के साये में जी रहा था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने संभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर बहादुरपुर हुक्मी के पश्चिम दिशा स्थित खेतों के रास्ते पर पिंजरा लगाया। साथ ही पिंजरे की निगरानी के लिए वनकर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है।
वनक्षेत्राधिकारी रोहित जोशी ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए सबसे संभावित स्थान पर पिंजरा लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पिंजरे की लगातार निगरानी की जा रही है और वन विभाग पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा और क्षेत्र में सामान्य जनजीवन बहाल हो सकेगा।
