जहानाबाद पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, पुलिस पर फायरिंग कर फरार चल रहा गोकश शरीफ गिरफ्तार
पीलीभीत:गोकशी के मामले में वांछित और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर लंबे समय से फरार चल रहे शातिर अपराधी शरीफ को जहानाबाद पुलिस ने आखिरकार धर दबोचा है। 22 जुलाई को घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर भाग निकले इस आरोपी को 11 सितंबर 2026 को सितारगंज बाईपास के नए पुल के पास से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले की शुरुआत 20/21 जुलाई की दरम्यानी रात हुई गोकशी की घटना से हुई थी। 21 जुलाई को गौरक्षा हिन्दू दल के उपाध्यक्ष हेमत कुमार ने पुलिस को सूचना दी थी कि ग्राम पंसोली में राजू के गन्ने के खेत में एक गोवंशीय पशु के अवशेष पड़े हैं। इस सूचना पर थाना जहानाबाद में (मु.अ.सं. 273/2026) गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की गहन विवेचना में इस घिनौनी वारदात में कासिम अली, तस्लीम उर्फ वली अहमद, मोहम्मद राशिद, इस्लाम, बुन्दन खां और शरीफ (पुत्र सदीक, निवासी ग्राम सुकटिया) के नाम प्रकाश में आए।
इस खुलासे के ठीक अगले दिन, 22 जुलाई को मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि आरोपी दोबारा गोकशी की फिराक में हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां कासिम, तस्लीम और शरीफ मौजूद थे। खुद को घिरता देख इन बदमाशों ने दुस्साहस दिखाते हुए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। उस वक्त पुलिस ने कासिम को तो मौके से दबोच लिया था, लेकिन तस्लीम और शरीफ फायरिंग का फायदा उठाकर फरार हो गए थे। पुलिस पर हमले के इस मामले में धारा 109/61(2) बीएनएस और 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
तभी से जहानाबाद पुलिस शरीफ की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। 11 सितंबर को सटीक मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने सितारगंज बाईपास स्थित नए पुल के पास घेराबंदी कर शरीफ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।
इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में जहानाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक जय शंकर सिंह, उपनिरीक्षक विवेक कुमार, कांस्टेबल सोनपाल और रिजर्व कांस्टेबल रुचिन शामिल रहे।
