पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा का योगी सरकार पर हल्ला बोल, धान की खरीद शून्य, गन्ने का 209 करोड़ बकाया, बोले इस्तीफा दें राज्यमंत्री
पीलीभीत। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर प्रदेश की योगी सरकार को पूर्ण रूप से ‘किसान विरोधी’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों को बर्बाद कर रही हैं, जिसके चलते किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मुख्य रूप से धान खरीद में लापरवाही और करोड़ों रुपये के बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाया।
12 अक्टूबर तक नहीं खरीदा गया एक भी दाना धान
हेमराज वर्मा ने मुख्यमंत्री के खाद्य विभाग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार रोज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। 1 अक्टूबर से धान खरीद शुरू होनी थी, लेकिन 11 अक्टूबर को नीति आई और 12 अक्टूबर तक मंडियों में एक भी दाना धान नहीं खरीदा गया है। सरकारी खरीद ठप होने के कारण किसान अपना धान बिचौलियों को औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर होकर लुट रहे हैं।
209 करोड़ का गन्ना भुगतान अटका, राज्यमंत्री से मांगा इस्तीफा
15 दिन में गन्ना भुगतान के सरकारी दावों को खोखला बताते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि केवल पीलीभीत जिले में किसानों का 209 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें अकेले बजाज शुगर मिल पर 112 करोड़ और मकसूदापुर शुगर मिल पर 97 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने जिले से ही आने वाले गन्ना राज्यमंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब किसान उनके घर जाकर गुहार लगा रहे हैं और घेराव कर रहे हैं, फिर भी वे अपने ही जिले का भुगतान नहीं करा पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें नैतिकता के आधार पर तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
सड़क पर उतरेगी सपा, 2027 में जनता सिखाएगी सबक
हेमराज वर्मा ने चेतावनी दी कि समाजवादी पार्टी किसानों के इस शोषण पर चुप नहीं बैठेगी और इसके खिलाफ सड़क पर उतरकर कड़ा संघर्ष करेगी। प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि पीलीभीत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और बंगाली समाज के सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव में जनता नफरत फैलाने वाली भाजपा को करारा सबक सिखाने का काम करेगी।
