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यूपी में एनएचएम संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार, धरना जारी,12 अक्टूबर से लखनऊ कूच की चेतावनी

मोहित द्विवेदी@express views

पीलीभीत/उत्तर प्रदेश। नियमितिकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत 6 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों का आंदोलन व धरना प्रदर्शन जारी है। कर्मचारियों के इस कार्यविराम के कारण ग्रामीण क्षेत्रों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ का कहना है कि 21 सितंबर 2026 को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद शासन को 3 अक्टूबर तक का समय दिया गया था, लेकिन सरकार की ओर से उनकी जायज मांगों पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसके विरोध में कर्मचारियों ने 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर काम किया और अब 8, 9 और 10 अक्टूबर के तय कार्यक्रम के तहत सभी कामकाज ठप कर धरने पर बैठे हैं।

धरने पर बैठे कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि पिछले 15-18 वर्षों से कोविड जैसी महामारी में भी जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मियों को अन्य राज्यों हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान की तर्ज पर नियमित किया जाए। साथ ही कैशलेस चिकित्सा, ईपीएफ, गैर-जनपद स्थानांतरण और अनुकम्पा नियुक्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं दी जाएं।

धरना स्थल से संगठन के पदाधिकारियों ने शासन को सीधी चेतावनी दी है कि वे अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। यदि 10 अक्टूबर तक सरकार या राज्य प्रतिनिधि मण्डल के साथ उनकी कोई सार्थक वार्ता नहीं होती है, तो 12 अक्टूबर 2026 से प्रदेश भर के लाखों एनएचएम संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंच जाएंगे। वहां अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिससे प्रदेश की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था ठप हो सकती है।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि 12 अक्टूबर के बाद उत्पन्न होने वाले स्वास्थ्य संकट और मरीजों की परेशानी की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। अब सबकी निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि क्या वह 12 अक्टूबर के बड़े आंदोलन से पहले संविदा कर्मियों की सुध लेकर कोई बीच का रास्ता निकालती है या नहीं।

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