बुराई पर अच्छाई की जीत: राम के अग्निबाण से हुआ रावण का अंत, धूं-धूं कर जला पुतला
- रामलीला मैदान में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार, सहित आला अधिकारी रहे मौजूद

अवनीश श्रीवास्तव@express views
पीलीभीत। स्थानीय रामलीला मैदान में बुधवार को असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नरांतक, अहिरावण और रावण वध की लीला के सजीव मंचन के बाद जैसे ही रावण का पुतला धूं-धूं कर जला, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री गन्ना एवं चीनी मिल संजय सिंह गंगवार और विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी आलोक कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने संयुक्त रूप से भगवान राम का विजय तिलक कर भोग आरती की।

विभीषण के राज से हुआ रावण का अंत
लीला में दिखाया गया कि मेघनाद वध के बाद नरान्तक, देवांतक, त्रिशिरा और अतिकाय युद्ध में आते हैं, जिनका वानर सेना व लक्ष्मण जी अंत करते हैं। इसके बाद अहिरावण राम-लक्ष्मण का हरण कर ले जाता है, लेकिन हनुमान जी उसका वध कर दोनों भाइयों को सुरक्षित ले आते हैं। अंत में रावण युद्ध के लिए आता है। विभीषण द्वारा नाभि में अमृत होने का राज बताने पर भगवान राम 31 बाणों (जिनमें एक सूर्य सहस्त्र से अभिमंत्रित अग्नि बाण था) का संधान करते हैं। अग्नि बाण नाभि का अमृत सोख लेता है और रावण का अंत हो जाता है। इसके बाद विभीषण माता सीता को लाकर प्रभु को सौंपते हैं।
भव्य आतिशबाजी और उमड़ा जनसैलाब
रावण वध के बाद अतिथियों और मेला पदाधिकारियों ने रावण के दसों सिरों के प्रतीक गुब्बारे हवा में छोड़े। इसके बाद भव्य आतिशबाजी के बीच रावण के पुतले का दहन किया गया। दशहरे का मेला देखने के लिए दोपहर से ही गांवों और शहर से ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों से भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न समाजसेवी संगठनों ने भी मेला व्यवस्था में सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा, अमरीश शर्मा अंबू, राकेश लोधी, नरेश शुक्ला, प्रेम सिंह, अमिताभ त्रिपाठी, शेर सिंह लोधी, संजीव मिश्रा, सुधीर पाल सिंह, धीरेंद्र मिश्रा, विकास पाल सिंह समेत समिति के दर्जनों पदाधिकारी और हजारों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
