कजाकिस्तान में नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, फर्जी ऑफर लेटर थमाकर भेजा विदेश
- विदेश में फंसा युवक, भारतीय दूतावास की मदद से महीनों बाद लौटा घर,आरोपी पर एफआईआर दर्ज

पीलीभीत। कजाकिस्तान में इंडोर हेल्पर की नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर एक युवक से 1.58 लाख रुपये और अमेरिकी डॉलर की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने पीड़ित को फर्जी ऑफर लेटर थमाकर विदेश भेज दिया, जहां उसे भारी प्रताड़ना झेलनी पड़ी और विदेशी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप और जुर्माना भरने के बाद किसी तरह युवक अपने वतन लौट सका। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना जहानाबाद क्षेत्र के ग्राम खमरिया दलेलगंज निवासी फैजान खान पुत्र इरशाद खान ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उसी के गांव के रहने वाले सैय्यद राजिक अली पुत्र सैय्यद आसिफ अली ने उसे कजाकिस्तान में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। राजिक ने ऑनलाइन और नकद के माध्यम से फैजान से कुल 1,58,000 रुपये और 350 अमेरिकी डॉलर ऐंठ लिए। रकम वसूलने के बाद आरोपी ने 2 अगस्त 2026 का एयर टिकट और 4 अगस्त 2026 को कजाकिस्तान की एक कंपनी का फर्जी ऑफर लेटर थमा कर उसे रवाना कर दिया।
जब फैजान फर्जी दस्तावेजों के सहारे कजाकिस्तान पहुंचा, तो वहां पता चला कि जिस कंपनी का ऑफर लेटर उसे दिया गया है, वहां उसका कोई वजूद ही नहीं है। आरोप है कि वहां स्थानीय लोगों ने उसे फंसाकर अवैधानिक तरीके से काम कराया। मामला विदेशी पुलिस के संज्ञान में आने पर कजाकिस्तान पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। विदेश में फंसे होने की सूचना पर भारतीय दूतावास ने मामले में हस्तक्षेप किया। वहां की अदालत द्वारा लगाए गए जुर्माने की रकम भरने के बाद फैजान को रिहा किया गया। तमाम दुश्वारियां और प्रताड़ना झेलने के बाद 6 अक्टूबर 2026 को वह किसी तरह अपने घर वापस लौट सका।
घर लौटने के बाद पीड़ित ने अपने साथ हुई इस गंभीर धोखाधड़ी की शिकायत स्थानीय पुलिस से की। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए थाना जहानाबाद में नामजद आरोपी सैय्यद राजिक अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश और मामले की गहन जांच में जुट गई है।
